| पौधे का नाम |
रुद्राक्ष (Rudraksha) |
| वैज्ञानिक नाम |
Elaeocarpus ganitrus |
| परिवार (Family) |
Elaeocarpaceae |
| प्राकृतिक जलवायु |
उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगता है, विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व एशिया में। |
| परिचय |
रुद्राक्ष का बीज भगवान शिव से जुड़ा हुआ है और इसे धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में उपयोग किया जाता है। यह बीज मानसिक शांति, ध्यान और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। |
| उपयोग / लाभ |
• ध्यान और योग में मदद करता है। • मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ाता है। • शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी। • भगवान शिव के आशीर्वाद का प्रतीक। |
| सिंचाई |
नियमित पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन जल जमाव से बचें। |
| धूप |
इसे सूर्य की हल्की धूप की आवश्यकता होती है, सीधे धूप से बचाएं। |
| मिट्टी |
अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में उगता है। |
| खाद और उर्वरक |
जैविक खाद का उपयोग करें, गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट आदर्श हैं। |
| रोग और कीट नियंत्रण |
रुद्राक्ष के पौधों पर कीटों का हमला बहुत कम होता है, लेकिन जैविक कीटनाशक का उपयोग किया जा सकता है। |
| फसल का समय |
बीजों का संग्रह आमतौर पर 2-3 साल में होता है। |
| उत्पादन क्षमता |
रुद्राक्ष के पेड़ से बीजों का नियमित उत्पादन होता है, जो तंत्र, पूजा और आध्यात्मिक कार्यों में उपयोग होते हैं। |
| बाजार में मांग |
धार्मिक और आध्यात्मिक उद्देश्यों के लिए रुद्राक्ष की हमेशा बाजार में मांग रहती है। |
| बिक्री सुझाव |
• धार्मिक दुकानों और पूजा सामग्री की दुकानों में आपूर्ति करें। • ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी सेवाएं जोड़ें। |
| रोपण का समय |
वर्षा ऋतु (जून से अगस्त) |
| अन्य जानकारी |
• रुद्राक्ष के बीजों में 1 से 21 मुख (faces) होते हैं, जिनका विभिन्न धार्मिक कार्यों में विशेष महत्व है। |
| उपलब्धता |
विभिन्न धार्मिक और आयुर्वेदिक नर्सरी में उपलब्ध। |
| संपर्क नंबर |
📞 +91 77000 74796 |
| वेबसाइट लिंक |
🌐 https://organicharyalinursery.in |