
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| पौधे का नाम |
परसीमन /जापानी फल (Persimmon) |
| वैज्ञानिक नाम | Diospyros (प्रमुख प्रजातियाँ – Diospyros lotus, Diospyros virginiana) |
| परिवार (Family) | Ebenaceae (एबेनेसी) |
| प्राकृतिक जलवायु | उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्र; हल्की सर्दी सहन करता है |
| परिचय | यह एक मीठा और पौष्टिक फल है जो अक्सर एशिया और अमेरिका में पाया जाता है। |
| उपयोग / लाभ | • हृदय स्वास्थ्य में सहायक • इम्यूनिटी बढ़ाता है • त्वचा के लिए अच्छा • पाचन को सुधारता है |
| सिंचाई | सप्ताह में 2-3 बार; गर्मी में अधिक जल दें, वर्षा में कम |
| धूप | 6–8 घंटे की सीधी धूप ज़रूरी |
| मिट्टी | दोमट, बलुई-दोमट मिट्टी जिसमें जल निकासी अच्छी हो |
| खाद और उर्वरक | जैविक खाद जैसे गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें |
| रोग और कीट नियंत्रण | • एफिड्स और पत्तों के पीलेपन से बचाव के लिए जैविक छिड़काव करें |
| फसल का समय | फल लगने की शुरुआत – रोपण के 3 से 4 साल बाद |
| उत्पादन क्षमता | प्रति पौधा 50-100 फल प्रति वर्ष (उम्र और देखभाल पर निर्भर) |
| बाजार में मांग | परिसीमन का जूस, मिठाई, और औषधीय उपयोग के कारण अधिक मांग |
| बिक्री सुझाव | • स्थानीय फल मंडी से संपर्क करें • ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी सेवाएं जोड़ें |
| रोपण का समय | वसंत ऋतु (फरवरी से अप्रैल) |
| अन्य जानकारी | • दवाइयों के साथ रस लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें • ग्राफ्टेड पौधे अधिक फल देते हैं |
| उपलब्धता | Organic Hariyali Nursery |
| संपर्क नंबर | 📞 +91 77000 74796 |
| वेबसाइट लिंक | 🌐 https://organicharyalinursery.in |